उल्टी मुद्रा · मध्यम
शशांकासन (खरगोश मुद्रा)
Sasangasana·शशासन·śaśāṅgāsana
अन्य नाम: शशकासन, खरगोश
खरगोश वह कोमल शीर्षासन-प्रभाव है जिसे अधिकांश ने कभी आज़माया नहीं — ऊपरी-पीठ रिहाई के लिए चुपचाप सशक्त। सहारे वाली कलाई-पकड़ का अर्थ है कि अधिकांश भार पैरों और हाथों में रहता है; सिर मुश्किल से कोई भार उठाता है। एक श्रृंखला में पीठ-झुकावों की प्रति-मुद्रा के रूप में उपयोगी।
लाभ
- पूरी रीढ़ को गहरे मोड़ में खींचता है — हर पीठ-झुकाव का विपरीत
- कंधे की हड्डियों के बीच तनाव को छोड़ता है — डेस्क-कार्य का जादू
- हल्का शीर्षासन-प्रभाव तंत्रिका तंत्र को शांत करता है
- सिर-नीचे संवेदना सुरक्षित रूप से चाहने वालों के लिए शीर्षासन का आसान विकल्प
शशांकासन (खरगोश मुद्रा) कैसे करें
- ज़मीन पर घुटनों के बल बैठें और अपनी एड़ियों पर बैठें (वज्रासन)।
- पीछे पहुँचें और दोनों हाथों से अपने पैरों की एड़ियाँ पकड़ें।
- ठोड़ी मोड़ें और सिर के शीर्ष को घुटनों के सामने चटाई पर रखें।
- साँस लें और कूल्हों को ऊपर उठाएँ, शरीर को आगे शीर्ष पर लुढ़काते हुए।
- अधिकांश भार पैरों और हाथों में रहे — केवल 10-20% शीर्ष पर।
- जैसे रीढ़ गहरे मोड़ में गोल होती है, माथा घुटनों के पास आता है।
- 20-30 सेकंड रोकें। बाहर निकलने के लिए कूल्हों को वापस एड़ियों पर नीचे करें और विश्राम करें।
सुझाई गई अवधि: 30 सेकंड · श्वास: Natural
शशांकासन (खरगोश मुद्रा) आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है
आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।
| दोष | प्रभाव | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| Vata | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
| Pitta | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
| Kapha | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
इसे मैट से परे भी संतुलित करें
आसन और आहार एक ही संतुलन के दो पहलू हैं। उसी दोष को थाली में शांत करें:
इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए
- गर्दन की चोट या ग्रीवा-रीढ़ समस्याओं में अभ्यास न करें
- उच्च रक्तचाप या ग्लूकोमा में छोड़ दें
- गर्भवती महिलाओं को अभ्यास नहीं करना चाहिए
- घुटनों के बल बैठने से रोकने वाली घुटने की चोट में इससे बचें
- भरे पेट अभ्यास न करें
यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।
बदलाव
- गद्दी के लिए घुटनों के नीचे मुड़ा कंबल रखें
- शीर्ष पर कम संपीड़न के लिए सिर के नीचे मुड़ा कंबल रखें
- एड़ी-पकड़ छोड़ दें और इसके बजाय हाथों को घुटनों के सामने चटाई पर रखें
- गहराई घटाएँ — माथे को घुटनों से कुछ इंच दूर रखें
पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक हठ। बिक्रम-परंपरा मुद्रा; कुछ शास्त्रीय हठ गणनाओं में आती है। हठ योग प्रदीपिका अध्याय 1 में नहीं।