बैठकर · मध्यम
मंडूकासन (मेंढक मुद्रा)
Mandukasana·मण्डूकासन·maṇḍūkāsana
अन्य नाम: मेंढक
मेंढक सूची में सबसे तीव्र कूल्हे-खोलकों में से एक है। इसे उन लोगों के लिए बचाकर रखें जिनके पास पहले से स्थिर विश्रामकारी अभ्यास है और जो पहली असहज साँस पर हार नहीं मानेंगे। बाहर आने के बाद की राहत अभ्यास में सबसे संतोषजनक में से एक है।
लाभ
- भीतरी जाँघों और एडक्टर्स की गहरी रिहाई
- जाँघ-संधि को ऐसे खोलता है जैसे कुछ ही अन्य मुद्राएँ पहुँचती हैं
- श्रोणि-झुकाव-और-मोड़ से निचली पीठ को छोड़ता है
- कसी भीतरी जाँघों वाले धावकों, साइकिल चालकों और मार्शल कलाकारों के लिए उपयोगी
मंडूकासन (मेंढक मुद्रा) कैसे करें
- किसी नरम सतह पर चौपाए में आएँ। घुटनों के नीचे गद्दी रखें।
- कोहनियों को ज़मीन पर लाएँ, अग्र-बाहु समानांतर।
- घुटनों को बगल में चौड़ा सरकाएँ, जितना आरामदायक हो।
- पैरों को फ्लेक्स करें ताकि भीतरी किनारे चटाई में दबें।
- भीतरी टखने, भीतरी घुटने और कूल्हों का अगला भाग एक वर्गाकार आकृति बनाएँ।
- कूल्हों को थोड़ा एड़ियों की ओर पीछे दबाएँ। कूल्हों को नीचे करने की ज़रूरत नहीं — कोमल दबाव पर्याप्त है।
- 60-90 सेकंड रोकें। बाहर निकलने के लिए घुटनों को धीरे-धीरे वापस मिलाएँ।
सुझाई गई अवधि: 60 सेकंड · श्वास: Natural
मंडूकासन (मेंढक मुद्रा) आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है
आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।
| दोष | प्रभाव | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| Vata | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
| Pitta | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
| Kapha | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
इसे मैट से परे भी संतुलित करें
आसन और आहार एक ही संतुलन के दो पहलू हैं। उसी दोष को थाली में शांत करें:
इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए
- घुटने, कूल्हे या जाँघ-संधि की चोट में अभ्यास न करें
- गर्भवती महिलाओं को अभ्यास नहीं करना चाहिए — गहरी जाँघ-संधि खुलन स्नायुबंध स्थिरता को प्रभावित कर सकती है
- गंभीर निचली पीठ दर्द में छोड़ दें
- हाल की पेट की सर्जरी में इससे बचें
यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।
बदलाव
- गद्दी के लिए हर घुटने के नीचे मुड़ा कंबल रखें
- घुटने की चौड़ाई घटाएँ — संकरा रुख भी प्रभावी है
- ऊँचाई के लिए अग्र-बाहुओं को बोल्स्टर या ब्लॉकों के ढेर पर टिकाएँ
- कम अवधि (30 सेकंड) के लिए अभ्यास करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ
पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक हठ कूल्हे-खोलक। विभिन्न परंपराओं में कई मुद्राएँ "मेंढक" नाम साझा करती हैं; हम चौड़े-घुटने भीतरी-जाँघ खिंचाव देते हैं। हठ योग प्रदीपिका अध्याय 1 में नहीं।