बैठकर · प्रारंभिक

बँधा कोण मुद्रा

Baddha Konasana·बद्धकोणासन·baddha koṇāsana

अन्य नाम: मोची मुद्रा, तितली मुद्रा

बँधा कोण मुद्रा (Baddha Konasana)

बद्धकोणासन सूची में सबसे सुलभ कूल्हे-खोलक है — लगभग सभी के लिए काम करता है। घुटनों को नीचे न धकेलें; यही पाठ्यपुस्तकीय चोट है। राहत समय के साथ गुरुत्वाकर्षण से होती है, बल से नहीं।

लाभ

  • भीतरी जाँघों और एडक्टर्स को छोड़ता है — आगे झुकान से भिन्न
  • बाह्य घुमाव से कूल्हों को खोलता है
  • मासिक धर्म की असुविधा में राहत और प्रजनन-सहायता के लिए पारंपरिक मुद्रा
  • कई मिनट तक निष्क्रिय रूप से रोका जा सकता है — कसे पालथी-आसनों वाले लोगों के लिए ध्यान-आसन के रूप में उपयोगी

बँधा कोण मुद्रा कैसे करें

  1. मुड़े कंबल के अगले किनारे पर बैठें।
  2. पैरों के तलवों को आपस में मिलाएँ। घुटनों को बगल में गिरने दें।
  3. दोनों हाथों से पैरों या टखनों को पकड़ें।
  4. एड़ियों को शरीर के करीब या दूर ले जाएँ — वह खोजें जो घुटनों को स्वाभाविक रूप से छोड़ने दे।
  5. रीढ़ को लंबा करें — घुटनों को नीचे लाने के लिए आगे गोल न हों।
  6. घुटनों को अपनी गति से ज़मीन की ओर उतरने दें। उन्हें कभी न धकेलें।
  7. वैकल्पिक: सहारे के लिए हर घुटने के नीचे ब्लॉक या गद्दी रखें।

सुझाई गई अवधि: 120 सेकंड · श्वास: Natural

बँधा कोण मुद्रा आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है

आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।

हर दोष पर बँधा कोण मुद्रा का प्रभाव
दोषप्रभावटिप्पणियाँ
Vata संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Pitta संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Kapha तटस्थ मोटे तौर पर तटस्थ

शरीर केंद्र: Hips, Inner Thighs, Groin, Lower Back, Knees

इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए

  • गर्भवती महिलाएँ — पीठ दीवार से सटाकर अभ्यास करें और तीसरी तिमाही में आगे न झुकें
  • जाँघ-संधि या कूल्हे की चोट में अभ्यास न करें
  • गंभीर घुटने की चोट में छोड़ दें — घुटनों को गद्दियों पर टिकने दें
  • कूल्हे के बाह्य घुमाव से भड़कने वाली साइटिका में इससे बचें

यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।

बदलाव

  • मुड़े कंबल पर बैठें — रीढ़ को लंबा रखने के लिए अधिकांश को इसकी ज़रूरत होती है
  • सहारे के लिए हर घुटने के नीचे ब्लॉक या गद्दी रखें (घुटनों को नीचे न धकेलें)
  • आसान कूल्हे खिंचाव के लिए पैरों को शरीर से दूर ले जाएँ
  • मुद्रा-सहारे के लिए पीठ दीवार से सटाकर अभ्यास करें
  • विश्रामकारी विविधता: रीढ़ के पीछे बोल्स्टर पर झुकें

पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक हठ आसन। कुछ परंपराएँ इसे HYP के भद्रासन (1.53-54) से जोड़ती हैं, पर वर्गीकरण भिन्न होता है।

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