खड़े होकर · मध्यम
उत्थित हस्त पादांगुष्ठासन (हाथ-से-अँगूठा मुद्रा)
Utthita Hasta Padangusthasana·उत्थित हस्त पादाङ्गुष्ठासन·utthita hasta pādāṅguṣṭhāsana
अन्य नाम: खड़ी हाथ-से-बड़े-पंजे की मुद्रा
यह मुद्रा सिखाती है कि ताकत के बिना लचीलापन प्रदर्शन है, और लचीलेपन के बिना ताकत कठोरता है — आपको दोनों चाहिए। पट्टे का उपयोग करें, पंजे के लिए न जूझें; पट्टा मुद्रा को आसान नहीं बनाता, वह बस सही मुद्रा को संभव बनाता है।
लाभ
- एक ही माँग वाली मुद्रा में संतुलन + लचीलापन + कोर ताकत जोड़ता है
- सक्रिय सहभागिता के साथ हैमस्ट्रिंग का गहरा खिंचाव (कसे लोगों के लिए निष्क्रिय झुकान से बेहतर)
- खड़े पैर के पूरे प्रोप्रियोसेप्टिव तंत्र का प्रशिक्षण देता है
- शीर्षासन और भुजा-संतुलन के लिए ज़रूरी केंद्रित दृष्टि विकसित करता है
उत्थित हस्त पादांगुष्ठासन (हाथ-से-अँगूठा मुद्रा) कैसे करें
- दोनों पैरों पर बराबर वज़न के साथ खड़े हों।
- अपना पूरा वज़न बाएँ पैर पर डालें। संतुलन के लिए खड़े घुटने को थोड़ा मोड़ें।
- दाहिने घुटने को छाती की ओर उठाएँ जब तक जाँघ ज़मीन के समानांतर न हो।
- दाहिने पैर के अगले हिस्से के चारों ओर एक योग पट्टा लगाएँ, दोनों सिरे दाहिने हाथ से पकड़ें। (या बड़े पंजे को तर्जनी और मध्यमा से फँसाएँ।)
- दाहिने पैर को धीरे-धीरे सीधे आगे फैलाएँ। रीढ़ को ऊपर लंबा करें।
- कंधों को शिथिल और दृष्टि सामने रखें।
- उठे हुए पैर को सीधा होने की ज़रूरत नहीं — ऊँचाई लक्ष्य नहीं, लंबाई है। पक्ष बदलें।
सुझाई गई अवधि: 30 सेकंड · श्वास: Natural
उत्थित हस्त पादांगुष्ठासन (हाथ-से-अँगूठा मुद्रा) आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है
आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।
| दोष | प्रभाव | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| Vata | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
| Pitta | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
| Kapha | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
इसे मैट से परे भी संतुलित करें
आसन और आहार एक ही संतुलन के दो पहलू हैं। उसी दोष को थाली में शांत करें:
इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए
- गंभीर निचली पीठ की चोट में अभ्यास न करें
- हैमस्ट्रिंग फटने या गंभीर साइटिका में छोड़ दें
- संतुलन विकार होने पर पीछे दीवार के बिना इससे बचें
- गर्भवती महिलाओं को दीवार का उपयोग करना चाहिए और उठा पैर नीचा रखना चाहिए
यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।
बदलाव
- यदि हाथ पंजे तक न पहुँचे तो उठे पैर के चारों ओर योग पट्टे का उपयोग करें
- उठा घुटना मुड़ा रखें — ऊँचाई लक्ष्य नहीं, लंबाई है
- संतुलन सहारे के लिए पीठ दीवार से सटाकर अभ्यास करें
- आसान विविधता: उठे पैर को अपने सामने कुर्सी की सीट पर रखें
पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक हठ आसन। "उत्थित" = फैला हुआ, "हस्त" = हाथ, "पाद-अंगुष्ठ" = बड़ा पंजा। हठ योग प्रदीपिका अध्याय 1 में नहीं।