संतुलन · मध्यम
चतुरंग दंडासन (चार-अंग दंड मुद्रा)
Chaturanga Dandasana·चतुरङ्ग दण्डासन·caturaṅga daṇḍāsana
अन्य नाम: नीची तख़्ती, योगी पुश-अप
चतुरंग आधुनिक योग में सबसे अधिक चोट लगने वाली मुद्रा है क्योंकि यह उचित रूप के बिना प्रति कक्षा दर्जनों बार की जाती है। समाधान सरल है: घुटनों पर आएँ, या 90 डिग्री से नीचे न जाएँ। आधा चतुरंग एक वैध पूर्णकालिक विविधता है; इसमें कोई शर्म नहीं।
लाभ
- भुजा-संतुलन और शीर्षासनों के लिए ज़रूरी ऊपरी-शरीर ताकत बनाता है
- कोर को ऐसे सक्रिय करता है जैसे कुछ ही अन्य मुद्राएँ करती हैं
- कंधों भर का संयोजी ऊतक अनुकूलित और मज़बूत होता है
- विन्यास संक्रमणों की नींव — एक बार ठीक हो जाने पर पूरा प्रवाह अभ्यास खुल जाता है
चतुरंग दंडासन (चार-अंग दंड मुद्रा) कैसे करें
- तख़्ती मुद्रा में शुरू करें, कंधे कलाइयों के ऊपर, शरीर एक रेखा में।
- भार को थोड़ा आगे खिसकाएँ — कंधे कलाइयों से आगे जाएँ।
- साँस छोड़ें और कोहनियों को सीधे पीछे मोड़ें, उन्हें पसलियों के पास सटाते हुए।
- तब तक नीचे आएँ जब तक ऊपरी भुजाएँ ज़मीन के समानांतर न हों (कोहनी पर 90-डिग्री मोड़)।
- शरीर एक सीधी रेखा में रहे — कंधे, कूल्हे और एड़ियाँ संरेखित।
- स्थिर रहें। कोहनियों को सटाएँ — उन्हें बाहर न फैलने दें।
- बाहर निकलने के लिए: साँस लें ऊर्ध्व मुख श्वान में या पूरी तरह ज़मीन पर नीचे आएँ।
सुझाई गई अवधि: 15 सेकंड · श्वास: Paced
चतुरंग दंडासन (चार-अंग दंड मुद्रा) आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है
आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।
| दोष | प्रभाव | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| Vata | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
| Pitta | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
| Kapha | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
इसे मैट से परे भी संतुलित करें
आसन और आहार एक ही संतुलन के दो पहलू हैं। उसी दोष को थाली में शांत करें:
इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए
- कलाई, कोहनी या कंधे की चोट में अभ्यास न करें
- रोटेटर कफ समस्याओं में छोड़ दें — चतुरंग आधुनिक योग में कंधे की चोट का #1 कारण है
- गर्भवती महिलाओं को पहली तिमाही के बाद अभ्यास नहीं करना चाहिए
- कार्पल टनल सिंड्रोम में इससे बचें
यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।
बदलाव
- पहले घुटनों पर नीचे आएँ — आधा चतुरंग एक वैध पूर्णकालिक अभ्यास है
- इसके बजाय तख़्ती में रहें और नीचे आना छोड़ दें
- केवल कोहनी-पर-90 स्थिति तक नीचे आएँ, कभी गहरा नहीं (कंधे सुरक्षित रूप से कोहनियों से नीचे नहीं जा सकते)
- सुरक्षा-तल के रूप में छाती के नीचे योग ब्लॉक का उपयोग करें — तब तक नीचे आएँ जब तक छाती छू जाए
पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक आसन, विन्यास प्रवाह अभ्यास के केंद्र में। HYP अध्याय 1 में नहीं।