संतुलन · मध्यम

बगुला मुद्रा

Bakasana·बकासन·bakāsana

अन्य नाम: बगुला

बगुला मुद्रा (Bakasana)

बगुला प्रवेश-द्वार भुजा-संतुलन है। अधिकांश इसे 2-4 हफ़्तों के केंद्रित अभ्यास में उतार सकते हैं यदि उनके पास कोर और कलाई ताकत हो। चाल दृष्टि की दिशा है — सामने (नीचे नहीं) देखना संतुलन को खोजने योग्य बनाता है। सीखने की अवधि के दौरान माथे के नीचे ब्लॉक का उपयोग करें।

लाभ

  • सबसे सुलभ भुजा-संतुलन — व्यापक भुजा-संतुलन परिवार में प्रवेश-बिंदु
  • कलाई, अग्र-बाहु और कंधे की ताकत नाटकीय रूप से बनाता है
  • एक-बिंदु एकाग्रता माँगता है — दृष्टि ही अभ्यास है
  • उतरने पर आत्मविश्वास-निर्माता — कई लोग अपने पहले भुजा-संतुलन को परिवर्तनकारी पाते हैं

बगुला मुद्रा कैसे करें

  1. मालासन (गहरी उकड़ूँ) में बैठें, पैर कूल्हे-चौड़ाई पर, घुटने चौड़े।
  2. हथेलियों को पैरों के सामने ज़मीन पर रखें, कंधे-चौड़ाई पर, उँगलियाँ चौड़ी फैली।
  3. कोहनियों को थोड़ा बाहर की ओर मोड़ें (चतुरंग-शैली — कोहनियाँ कलाइयों के ऊपर रेखा में, चौड़ी फैली नहीं)।
  4. घुटनों को ऊपरी भुजाओं के पिछले हिस्से पर, कोहनियों से ठीक ऊपर दबाएँ।
  5. भार को हाथों के ऊपर आगे खिसकाएँ। एड़ियाँ उठाएँ और पंजों को ज़मीन से मोड़ें।
  6. सामने देखें — नीचे नहीं। दृष्टि की दिशा ही संतुलन है।
  7. 5-15 सेकंड रोकें। बाहर निकलने के लिए: पैर नीचे करें, सिर उठाएँ, खड़े हों।

सुझाई गई अवधि: 20 सेकंड · श्वास: Natural

बगुला मुद्रा आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है

आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।

हर दोष पर बगुला मुद्रा का प्रभाव
दोषप्रभावटिप्पणियाँ
Vata तटस्थ मोटे तौर पर तटस्थ
Pitta तटस्थ मोटे तौर पर तटस्थ
Kapha संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है

शरीर केंद्र: Wrists, Forearms, Shoulders, Core, Hip Flexors

इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए

  • कलाई, कोहनी या कंधे की चोट में अभ्यास न करें
  • कार्पल टनल सिंड्रोम में छोड़ दें
  • गर्भवती महिलाओं को पहली तिमाही के बाद अभ्यास नहीं करना चाहिए
  • उच्च रक्तचाप में इससे बचें
  • यदि आप अभी मज़बूत तख़्ती 30 सेकंड नहीं रोक सकते तो छोड़ दें

यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।

बदलाव

  • माथे के नीचे ब्लॉक रखकर अभ्यास करें ताकि आगे गिरना सुरक्षित हो
  • एक बार में एक पैर से शुरू करें — दोनों से पहले एक उठाने में सहज हों
  • आगे गिरने की स्थिति में हाथों के सामने मुड़ा कंबल रखें
  • पहले कलाई और कोर ताकत बनाएँ: तख़्ती, पार्श्व तख़्ती, चतुरंग

पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक भुजा-संतुलन, ऋषि बक के नाम पर। अक्सर काकासन (सारस) से भ्रमित; बकासन में भुजाएँ मुड़ी होती हैं, काकासन में सीधी।

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