खड़े होकर · प्रारंभिक
पर्वत मुद्रा
Tadasana·ताडासन·tāḍāsana
अन्य नाम: ताड़ वृक्ष मुद्रा, समस्थिति
ताड़ासन बाकी सबके लिए संदर्भ मुद्रा है — वह संरेखण खाका जिस पर शरीर आसनों के बीच लौटता है। अशांत मन वाले (वात-प्रधान) लोगों के लिए स्थिर खड़े रहकर अवलोकन करने की माँग ही अभ्यास है।
लाभ
- सभी खड़ी मुद्राओं में प्रयुक्त तटस्थ रीढ़ संरेखण स्थापित करता है
- जांघों, घुटनों और टखनों को मज़बूत करता है
- संतुलन और प्रोप्रियोसेप्शन सुधारता है
- मुद्रा के झुकाव और आगे की ओर सिर की मुद्रा को कम करता है
पर्वत मुद्रा कैसे करें
- अपनी मैट के आगे खड़े हों, पैर साथ, बड़े अंगूठे स्पर्श करते हुए, एड़ियाँ थोड़ी अलग।
- अपना भार दोनों पैरों पर समान रूप से बाँटें — आगे, पीछे और किनारों पर।
- घुटनों को बिना जकड़े धीरे से उठाएँ। जांघों को सक्रिय करें।
- कंधों को पीछे और नीचे, कानों से दूर घुमाएँ।
- बाँहों को स्वाभाविक रूप से बगल में लटकने दें, हथेलियाँ शरीर की ओर या आगे।
- रीढ़ को लंबा करें — सिर का शीर्ष छत की ओर पहुँचे।
- जबड़े को ढीला करें, आँखों को ढीला करें। स्वाभाविक रूप से साँस लें।
सुझाई गई अवधि: 60 सेकंड · श्वास: Natural
पर्वत मुद्रा आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है
आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।
| दोष | प्रभाव | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| Vata | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
| Pitta | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
| Kapha | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
इसे मैट से परे भी संतुलित करें
आसन और आहार एक ही संतुलन के दो पहलू हैं। उसी दोष को थाली में शांत करें:
इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए
- गंभीर चक्कर या संतुलन विकार में अभ्यास न करें — सहारे के लिए दीवार का उपयोग करें
- हाल की टखने या पैर की चोट में इस मुद्रा से बचें
- निम्न रक्तचाप या हल्कापन महसूस होने पर बाद में धीरे-धीरे उठें
यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।
बदलाव
- अधिक स्थिरता के लिए पैरों को कूल्हे-चौड़ाई पर रखें
- प्रोप्रियोसेप्टिव फ़ीडबैक के लिए पीठ दीवार से सटाकर अभ्यास करें
- यदि खड़ा होना कठिन हो, तो पीठ के बल सुप्त ताड़ासन के रूप में अभ्यास करें
पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक आधारभूत मुद्रा, 20वीं सदी के हठ योग में संहिताबद्ध। हठ योग प्रदीपिका अध्याय 1 में नामित नहीं।