विश्रामदायक · प्रारंभिक

लेटी सुखासन

Supta Sukhasana·सुप्त सुखासन·supta sukhāsana

अन्य नाम: लेटी पालथी

लेटी सुखासन (Supta Sukhasana)

सुप्त सुखासन सूची में सबसे कोमल लेटा कूल्हे-खोलक है। इसे तनाव-राहत श्रृंखलाओं में समापन मुद्रा के रूप में उपयोग करें, या उन दिनों शवासन के विकल्प के रूप में जब पूर्ण लेटा शवासन असुरक्षित-सा लगे। रीढ़ के पीछे बोल्स्टर ही इसे केवल-लेटी के बजाय विश्रामकारी बनाता है।

लाभ

  • कूल्हे-खोलना छाती-खोलने के साथ जोड़ता है — कोमल और सुलभ
  • साँस को स्वाभाविक रूप से निचले पेट में गहरा होने देता है
  • शांत करने वाली मुद्रा — सोने से पहले 5-मिनट रीसेट के रूप में काम करती है
  • बहुत कसे कूल्हों वाले लोगों के लिए सुप्त बद्धकोणासन से अधिक सुलभ

लेटी सुखासन कैसे करें

  1. सुखासन में बैठें — पैर आराम से पालथी में, बैठने की हड्डियाँ जड़ी हुई।
  2. अपने हाथों को अपने पीछे ज़मीन पर रखें और धीरे-धीरे कोहनियों पर पीछे झुकें।
  3. यदि सुलभ हो, तो पूरी तरह पीठ पर नीचे जाएँ। पालथी वाले पैर मुड़े रहें।
  4. हल्की छाती-उठान के लिए सिर और कंधों के नीचे बोल्स्टर या तकिया रखें।
  5. भुजाएँ किसी भी आरामदायक कोण पर बगल में टिकें, हथेलियाँ ऊपर।
  6. प्रति ओर 1-3 मिनट रोकें, फिर बदलें कि कौन-सा पैर आगे है और दोहराएँ।
  7. बाहर निकलने के लिए: कोहनियों पर उठें, फिर हाथों पर, फिर बैठ जाएँ।

सुझाई गई अवधि: 120 सेकंड · श्वास: Natural

लेटी सुखासन आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है

आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।

हर दोष पर लेटी सुखासन का प्रभाव
दोषप्रभावटिप्पणियाँ
Vata संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Pitta संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Kapha तटस्थ मोटे तौर पर तटस्थ

शरीर केंद्र: Hips, Inner Thighs, Spine, Chest, Lower Back

इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए

  • देर की गर्भावस्था में महिलाओं को पूरी तरह झुकने के बजाय ऊपरी शरीर को ऊँचा (45-डिग्री कोण) टिकाना चाहिए
  • पालथी रोकने वाली घुटने की चोट में छोड़ दें
  • गंभीर निचली पीठ दर्द में इससे बचें — इसके बजाय पैरों को बोल्स्टर पर फैलाकर आज़माएँ
  • स्लिप डिस्क में अभ्यास न करें

यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।

बदलाव

  • रीढ़ के नीचे लंबाई में बोल्स्टर रखें — लगभग सभी को इसकी ज़रूरत होती है
  • यदि कूल्हे न छूटें तो हर घुटने के नीचे तकिये जमाएँ
  • ठोड़ी को तटस्थ रखने के लिए सिर के नीचे मुड़ा कंबल रखें
  • साँस की सुविधा के लिए छाती को अधिक ऊँचा (कम झुका) रखकर अभ्यास करें

पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — सुखासन की आधुनिक लेटी विविधता। हठ योग प्रदीपिका अध्याय 1 में नहीं।

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