विश्रामदायक · मध्यम

लेटी वीर मुद्रा

Supta Virasana·सुप्त वीरासन·supta vīrāsana

अन्य नाम: लेटा वीर

लेटी वीर मुद्रा (Supta Virasana)

सुप्त वीरासन भेस में एक गहरा जाँघ खिंचाव है — अधिकांश को एहसास ही नहीं होता कि लंबे बैठने से उनकी जाँघें कितनी छोटी हो गई हैं जब तक वे यह मुद्रा नहीं आज़माते। अधिकांश शरीरों के लिए रीढ़ के पीछे बोल्स्टर अनिवार्य है। 1-3 मिनट का होल्ड वह क्षण है जब फेशियल रिलीज़ वास्तव में उतरती है।

लाभ

  • जाँघों, कूल्हे-लचकों और टखनों के अगले हिस्से से गहरा खिंचाव — ऐसा संयोजन जो अन्य मुद्राओं में अप्रतिम है
  • हल्का पीठ-झुकाव छाती खोलता है
  • धावकों, साइकिल चालकों और बैठे कर्मियों के लिए उत्कृष्ट कसरत-बाद मुद्रा
  • छाती खोलने के लिए लेटा रूप उष्ट्रासन या धनुरासन से अधिक सुलभ

लेटी वीर मुद्रा कैसे करें

  1. वीरासन में शुरू करें — घुटनों को मिलाकर घुटनों के बल, पैर कूल्हों से चौड़े, एड़ियों के बीच बैठे (ज़रूरत हो तो सीट के नीचे ब्लॉक लगाएँ)।
  2. अपने हाथों को अपने पीछे ज़मीन पर रखें और धीरे-धीरे कोहनियों पर पीछे झुकें।
  3. यहाँ रुकें। यदि घुटने, कूल्हे या जाँघें शिकायत करें, तो कोहनियों पर रुके रहें या वापस ऊपर आएँ।
  4. यदि सुलभ हो, तो पूरी तरह पीठ पर नीचे जाएँ। सहारे के लिए रीढ़ के पीछे लंबाई में बोल्स्टर रखें।
  5. भुजाएँ बगल में हथेलियाँ ऊपर रख सकती हैं, या बोल्स्टर पर सिर के ऊपर फैल सकती हैं।
  6. 1-3 मिनट रोकें। राहत अवधि में है — जल्दबाज़ी न करें।
  7. बाहर निकलने के लिए: पहले कोहनियों पर, फिर हाथों पर उठें, फिर बैठ जाएँ।

सुझाई गई अवधि: 120 सेकंड · श्वास: Natural

लेटी वीर मुद्रा आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है

आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।

हर दोष पर लेटी वीर मुद्रा का प्रभाव
दोषप्रभावटिप्पणियाँ
Vata संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Pitta संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Kapha तटस्थ मोटे तौर पर तटस्थ

शरीर केंद्र: Quadriceps, Hip Flexors, Knees, Ankles, Spine

इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए

  • घुटने की चोट, मेनिस्कस फटने या हाल की घुटने की सर्जरी में अभ्यास न करें
  • टखने की चोट में छोड़ दें
  • गर्भवती महिलाओं को अभ्यास नहीं करना चाहिए — पीठ-झुकाव की गहराई सुरक्षित नहीं
  • स्लिप डिस्क या गंभीर निचली पीठ की चोट में छोड़ दें
  • यदि वीरासन ही घुटनों को तनाव दे तो इससे बचें — वही पूर्वापेक्षा है

यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।

बदलाव

  • पूरी तरह नीचे जाने के बजाय कोहनियों पर टिके रहें
  • रीढ़ के पीछे लंबाई में बोल्स्टर रखें — अधिकांश को इसकी ज़रूरत होती है
  • यदि घुटने दर्द करें तो उनके नीचे मुड़ा कंबल रखें
  • झुकने से पहले वीरासन में ऊँचे ब्लॉक पर बैठें — श्रोणि को आगे झुकाता है

पारंपरिक स्रोत: Modern hatha 1.21 — हठ योग प्रदीपिका 1.21 के वीरासन की आधुनिक लेटी विविधता। लेटा रूप जाँघ और कूल्हे-लचक के खिंचाव को तीव्र करता है।

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