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सूर्य नमस्कार B
Surya Namaskar B·सूर्य नमस्कार B·sūrya namaskāra
सूर्य नमस्कार B सूर्य नमस्कार A का लंबा, अधिक गर्म चचेरा भाई है। कुर्सी-और-योद्धा-I जोड़ परखते हैं कि क्या साँस लंबे होल्ड के तहत सहज रह सकती है। इसे उन लोगों के लिए बचाकर रखें जिनके पास पहले से स्थिर सूर्य नमस्कार A है; अन्यथा साँस ढह जाती है और प्रवाह बिखर जाता है।
लाभ
- जोड़े गए कुर्सी और योद्धा I चरणों से सूर्य नमस्कार A से अधिक हृदय-संवहनी सहनशक्ति बनाता है
- प्रवाह के भीतर रोकी गई योद्धा मुद्राओं से पैरों को मज़बूत करता है
- ऊष्मा-वर्धक — मज़बूत अभ्यासों के लिए लंबे वार्म-अप के रूप में उपयोगी
- सूर्य नमस्कार A से अधिक निरंतर ध्यान माँगता है — लंबी श्रृंखला ध्यान का प्रशिक्षण देती है
सूर्य नमस्कार B कैसे करें
- ताड़ासन में खड़े हों, हाथ हृदय पर।
- साँस लें: घुटने मोड़ें, भुजाओं को सिर के ऊपर उत्कटासन (कुर्सी) में ले जाएँ।
- साँस छोड़ें: उत्तानासन में आगे झुकें।
- साँस लें: आधी उठान। साँस छोड़ें: पीछे कदम या कूद, चतुरंग में नीचे।
- साँस लें: ऊर्ध्व मुख श्वानासन। साँस छोड़ें: अधो मुख श्वानासन।
- साँस लें: दाहिना पैर आगे योद्धा I (दाहिनी ओर) में रखें। साँस छोड़ें: हाथ नीचे, पीछे कदम, चतुरंग।
- साँस लें: ऊर्ध्व मुख श्वान। साँस छोड़ें: अधो मुख श्वान। बाईं ओर योद्धा I श्रृंखला दोहराएँ।
- योद्धा I बाईं ओर के बाद: चतुरंग, ऊर्ध्व मुख श्वान, अधो मुख श्वान (5 साँस)। आगे कदम, आधी उठान, झुकें, साँस लें कुर्सी में उठें, साँस छोड़ें हाथ हृदय पर ताड़ासन में।
सुझाई गई अवधि: 360 सेकंड · श्वास: Paced
सूर्य नमस्कार B आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है
आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।
| दोष | प्रभाव | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| Vata | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
| Pitta | सावधानी | इस दोष को बढ़ा सकता है — कम अभ्यास करें |
| Kapha | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
इसे मैट से परे भी संतुलित करें
आसन और आहार एक ही संतुलन के दो पहलू हैं। उसी दोष को थाली में शांत करें:
इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए
- गर्भवती महिलाओं को अभ्यास नहीं करना चाहिए — बहुत हृदय-संवहनी और पेट-के-बल चरण शामिल
- गंभीर घुटने, कलाई या कंधे की चोट में अभ्यास न करें
- स्लिप डिस्क, गंभीर निचली पीठ की चोट या हाल की पेट की सर्जरी में छोड़ दें
- उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या चक्कर में इससे बचें
- भरे पेट अभ्यास न करें — खाने के बाद 2-3 घंटे रुकें
यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।
बदलाव
- चतुरंग के बजाय घुटना-छाती-ठोड़ी रखें — साँस की लय बनाए रखता है
- ऊर्ध्व मुख श्वान के बजाय कोबरा
- सभी संक्रमणों में कदम रखें (कूदें नहीं)
- यदि योद्धा I चरण साँस की लय बिगाड़े तो उसे पूरी तरह छोड़ दें — इसके बजाय सूर्य नमस्कार A करें
पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — आधुनिक अष्टांग-परंपरा श्रृंखला (कृष्णमाचार्य / पट्टाभि जोइस)। कुर्सी मुद्रा और योद्धा I के जुड़ने से सूर्य नमस्कार A से भिन्न।