बैठकर · प्रारंभिक

शेर मुद्रा

Simhasana·सिंहासन·siṃhāsana

अन्य नाम: शेर, सिंह श्वास

शेर मुद्रा (Simhasana)

सिंहासन वह आसन है जिसे अधिकांश लोग सार्वजनिक कक्षा में आज़माने में बहुत आत्म-संकोची होते हैं — और ठीक यही कारण है कि यह काम करता है। चेहरे की अभिव्यक्ति, जीभ-विस्तार और ज़ोरदार साँस छोड़ने का संयोजन उस तनाव को छोड़ता है जिसके होने का आपको पता नहीं था। HYP इस अभ्यास को स्पष्ट रूप से नामित करती है; आधुनिक परंपराएँ कभी-कभी जीभ-विस्तार छोड़ देती हैं ताकि यह कम असहज लगे, पर मूल सबसे प्रभावी है।

लाभ

  • जबड़े, गले और चेहरे में तनाव छोड़ता है — सामाजिक-तनाव थामने का पुराना स्थान
  • HYP इसे गले के रोगों को दूर करने वाला बताती है
  • प्लैटिस्मा (गर्दन की मांसपेशी) और जीभ को सक्रिय करता है — कम-प्रशिक्षित क्षेत्र
  • आश्चर्यजनक रूप से भावनात्मक — कई लोग पाते हैं कि यह समय के साथ संकोच छोड़ता है

शेर मुद्रा कैसे करें

  1. घुटनों को मिलाकर चटाई पर घुटनों के बल बैठें, एड़ियों पर पीछे बैठते हुए (वज्रासन आधार)। या पालथी मारकर बैठें।
  2. हथेलियों को घुटनों पर रखें, उँगलियाँ चौड़ी फैली।
  3. नाक से गहरी साँस लें।
  4. मुँह को चौड़ा खोलें, जीभ को जितना संभव हो ठोड़ी की ओर नीचे फैलाएँ।
  5. खुले मुँह से ज़ोर से साँस छोड़ें, गले से "हाऽऽऽ" ध्वनि निकालते हुए — शेर की दहाड़।
  6. आँखें चौड़ी करें — तीसरी आँख की ओर ऊपर या नाक की नोक की ओर नीचे देखें।
  7. 5-8 दौर दोहराएँ। आख़िरी दौर के बाद आँखें बंद करें और विश्राम करें।

सुझाई गई अवधि: 60 सेकंड · श्वास: Paced

शेर मुद्रा आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है

आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।

हर दोष पर शेर मुद्रा का प्रभाव
दोषप्रभावटिप्पणियाँ
Vata तटस्थ मोटे तौर पर तटस्थ
Pitta सावधानी इस दोष को बढ़ा सकता है — कम अभ्यास करें
Kapha संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है

शरीर केंद्र: Face, Jaw, Throat, Tongue, Eyes, Diaphragm

इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए

  • गंभीर जबड़े के दर्द या हाल की दंत सर्जरी में छोड़ दें
  • सक्रिय गले के संक्रमण या स्वरयंत्रशोथ में इससे बचें
  • गर्भवती महिलाएँ बिना तनाव अभ्यास कर सकती हैं
  • यदि टिनिटस या श्रवण संवेदनशीलता हो तो दहाड़ धीरे से करें

यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।

बदलाव

  • साझा स्थान में अभ्यास करते समय धीरे से दहाड़ें
  • यदि जीभ-विस्तार जीभ या जबड़े को तनाव दे तो उसे छोड़ दें
  • यदि घुटना-टेक आधार असहज हो तो पालथी मारकर अभ्यास करें
  • पहले कम दौर करें — 3 दौर अधिक करने का आराम बनाते हैं

पारंपरिक स्रोत: Hatha Yoga Pradipika 1.50-52 — HYP अध्याय 1 में नामित। पाठ चौड़ी-आँख दृष्टि, जीभ-विस्तार और गरजते साँस छोड़ने का वर्णन करता है — स्पष्ट रूप से अभ्यास के हिस्से के रूप में बताया गया।

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