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चंद्र नमस्कार

Chandra Namaskar·चन्द्र नमस्कार·candra namaskāra

अन्य नाम: चांद्र नमस्कार

चंद्र नमस्कार (Chandra Namaskar)

चंद्र नमस्कार सूर्य नमस्कार का सांध्य समकक्ष है। वही विन्यास-शैली प्रवाह, पर धीमा और शीतल। उन पित्त-प्रधान लोगों के लिए उपयोगी जो सुबह के सूर्य नमस्कारों से अति-उत्तेजित महसूस करते हैं, और शाम के अभ्यास के लिए जब गर्मी बनाना लक्ष्य नहीं है।

लाभ

  • शीतल और स्थिर करने वाला — गर्म सूर्य नमस्कार का ऊर्जात्मक समकक्ष
  • पार्श्व गतिशीलता पर ध्यान — सूर्य के मोड़/विस्तार प्रभुत्व से भिन्न
  • शाम के अभ्यास या तनाव-भारी दिनों के लिए उपयोगी शांत प्रवाह
  • सूर्य नमस्कारों के साथ पारंपरिक जोड़ी में चंद्रमा की ऊर्जा का सम्मान करता है

चंद्र नमस्कार कैसे करें

  1. हाथ हृदय पर, पैर मिलाकर चटाई के अगले सिरे पर खड़े हों (ताड़ासन)।
  2. साँस लें: भुजाओं को बाहर और सिर के ऊपर ले जाएँ, हथेलियाँ छूती हुई।
  3. साँस छोड़ें: दाईं ओर पार्श्व झुकाव।
  4. साँस लें: केंद्र में लौटें।
  5. साँस छोड़ें: बाईं ओर पार्श्व झुकाव। साँस लें केंद्र में लौटें।
  6. साँस छोड़ें: बाएँ पैर को पीछे चौड़े नीचे लंज में रखें (अर्धचंद्र या अंजनेयासन)।
  7. साँस लें: दोनों घुटने चौड़े रखकर देवी मुद्रा में खुलें। साँस छोड़ें दाईं ओर झुकाव, साँस लें केंद्र, साँस छोड़ें बाईं ओर झुकाव, साँस लें केंद्र।
  8. दूसरी ओर लंज को दर्पण करने के लिए दाहिना पैर पीछे रखें। प्रवाह को वापस खड़ी मुद्रा में उलटें। 3-5 दौर दोहराएँ।

सुझाई गई अवधि: 300 सेकंड · श्वास: Paced

चंद्र नमस्कार आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है

आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।

हर दोष पर चंद्र नमस्कार का प्रभाव
दोषप्रभावटिप्पणियाँ
Vata संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Pitta संतुलनकारी अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है
Kapha तटस्थ मोटे तौर पर तटस्थ

शरीर केंद्र: Full Body, Side Body, Hips, Inner Thighs, Spine

इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए

  • देर की गर्भावस्था में महिलाओं को पार्श्व झुकावों और लंज की गहराई घटानी चाहिए
  • गंभीर घुटने, कूल्हे या पीठ की चोट में अभ्यास न करें
  • गंभीर हैमस्ट्रिंग या जाँघ-संधि खिंचाव में छोड़ दें
  • पार्श्व-झुकाव चरणों से चक्कर आने पर इससे बचें

यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।

बदलाव

  • यदि लंज चरणों में संतुलन अस्थिर हो तो स्थिरता के लिए पीछे दीवार का उपयोग करें
  • पार्श्व झुकावों की गहराई घटाएँ — सूक्ष्म-झुकाव ठीक है
  • देवी मुद्रा को पीठ दीवार से सटाकर करें
  • लंज पूरी तरह छोड़ दें और ताड़ासन पार्श्व-झुकावों को एकल शीतल श्रृंखला के रूप में करें

पारंपरिक स्रोत: Modern hatha — सूर्य नमस्कार से प्रेरित आधुनिक हठ श्रृंखला, पर गर्म करने के बजाय शीतल करने वाली। कई विविधताएँ मौजूद हैं; हम एक सामान्य अयंगर-प्रभावित रूप देते हैं।

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