बैठकर · प्रारंभिक
शुभ आसन
Swastikasana·स्वस्तिकासन·svastikāsana
अन्य नाम: शुभ आसन
स्वस्तिकासन कमल-से-आसान बैठा ध्यान आसन है जिससे HYP अपना आसन अध्याय खोलती है। अंतर्ग्रथित पैर आसन को सुखासन से अधिक स्थिर बनाते हैं, बिना पद्मासन की गहरी कूल्हे घुमाव माँगे। यदि लंबे बैठने के दौरान सुखासन डगमगाता लगे तो अभ्यास के योग्य।
लाभ
- HYP की पहली नामित आसन — मूल ध्यान आसन
- सुखासन से अधिक संरचित; पद्मासन से कम माँग वाला
- साँस अभ्यास और मौन बैठक के लिए स्थिर आधार
- कूल्हों का कोमल बाह्य घुमाव उन्हें निरंतर अभ्यास के हफ़्तों में खोलता है
शुभ आसन कैसे करें
- मुड़े कंबल पर पैर फैलाकर बैठें।
- दाहिना घुटना मोड़ें और दाहिने पैर को बाईं जाँघ के नीचे, शरीर के पास दबाएँ।
- बायाँ घुटना मोड़ें और बाएँ पैर को दाहिनी पिंडली और दाहिनी जाँघ के बीच दबाएँ।
- पैर एक सुघड़ अंतर्ग्रथन बनाते हैं — पैर छिपे, टखने सममित।
- हाथ घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें (अंगूठा और तर्जनी छूते हुए)।
- रीढ़ को लंबा करें — शीर्ष ऊपर पहुँचे, बैठने की हड्डियाँ नीचे जड़ें।
- जबड़े को नरम करें, आँखों को नरम करें।
सुझाई गई अवधि: 180 सेकंड · श्वास: Natural
शुभ आसन आपके दोषों को कैसे प्रभावित करता है
आयुर्वेद में वही आसन आपकी प्रकृति के अनुसार अलग असर करता है। यही वह दृष्टिकोण है जिससे ऐप आपकी प्रैक्टिस क्रमबद्ध करता है।
| दोष | प्रभाव | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| Vata | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
| Pitta | संतुलनकारी | अच्छा मेल — इस दोष को शांत करने में मदद करता है |
| Kapha | तटस्थ | मोटे तौर पर तटस्थ |
इसे मैट से परे भी संतुलित करें
आसन और आहार एक ही संतुलन के दो पहलू हैं। उसी दोष को थाली में शांत करें:
इस आसन को किसे टालना या बदलना चाहिए
- घुटने या कूल्हे की चोट में अभ्यास न करें
- गंभीर साइटिका में इससे बचें
- देर की गर्भावस्था में महिलाओं को यह असहज लग सकता है — ऊँची गद्दी पर सुखासन का उपयोग करें
यदि आप गर्भवती हैं, चोटिल हैं, या किसी स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं, तो अभ्यास से पहले किसी योग्य शिक्षक या चिकित्सक से परामर्श करें।
बदलाव
- कूल्हों को ऊँचा करने और घुटने का तनाव घटाने के लिए मुड़े कंबल पर बैठें
- पैर-अंतर्ग्रथन ढीला करें — सरल पालथी सुखासन समान रूप से वैध है
- यदि घुटने ज़मीन से ऊपर मँडराएँ तो हर घुटने के नीचे छोटी गद्दी रखें
पारंपरिक स्रोत: Hatha Yoga Pradipika 1.19 — HYP अध्याय 1 में नामित पहली स्पष्ट आसन। संस्कृत "स्वस्तिक" का अर्थ है शुभ; प्राचीन प्रतीक 20वीं सदी की यूरोपीय हड़पन से पहले का है और उससे असंबंधित है।